<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><!-- generator="WordPress/MU" -->
<rss version="0.92">
<channel>
	<title>हिंदी गझल</title>
	<link>http://hindigazal.wordpress.com</link>
	<description>by प्रशेन ह क्यावल</description>
	<lastBuildDate>Thu, 13 Mar 2008 17:38:00 +0000</lastBuildDate>
	<docs>http://backend.userland.com/rss092</docs>
	<language>hi</language>
	
	<item>
		<title>खेल ये है अपनी पसंद का</title>
		<description>खेल ये है अपनी पसंद का, खेलतें ही जाएंगे।
चाहें धोका लाख खाए, प्यार लुटाते जाएंगे।

भुल अपनी भुलने को, है अक्सीर ये इलाज,
चिज कितनी भी बुरी हो, युँही पीते जाएंगे।

गम का दुसरा नाम ही, ये जिंदगी है प्यारे,
कर ले तु कितने सितमभी, हम तो जीते जाएंगे।

कोई नहीं है आसपास, पुछने मातम ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be/</link>
			</item>
	<item>
		<title>सुबह से शाम तक</title>
		<description>सुबह से शाम तक गुनगुनाता रहुगा।
मै तेरे प्यार के गीत गाता रहुगा।

दुनिया ये चाहें रहे ना रहेगी,
मैं तुझें सदा याद करता रहुगा।

परवानें जलें ना जलें, शमां के वास्तें,
मैं तेरी नुरेंनजर पे जलतां रहूगा।

मुझे नही पर्वा, मिलने-बिछडनें की,
मेरी चाह के मैं तुझें प्यार करतां रहुगा।

---- © Prashen H Kyawal,
http://hindigazal.wordpress.com </description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%a4%e0%a4%95/</link>
			</item>
	<item>
		<title>क्या बताऊं?</title>
		<description>क्या बताऊं यार के, कयामत मेरे साथ हुई।
एकबार मुस्कुराकर वो मेरे मौत का सामान कर गई।

वो मुझे देखकर भी अंगडाई ले गई,
क्या उन्हे खबर, क्या सितम कर गई।

शुक्र है के वो बाहर, नाकाबपोश आई,
वैसे ही देख के उसे, आधी जान निकल गई।

ऊंगली जो रात सपनेंमें, उनकी दिख आई,
गुजर गयी थी ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%8a%e0%a4%82/</link>
			</item>
	<item>
		<title>मांगा तो नही था</title>
		<description>देख के हमें क्यूं, मूंह फेर लिया सितमगर,
तेरी मुस्कान के अलावा कुछ और, मांगा तो नही था।

देख के उखड जातें हो साकी, मेरा चेहरा मैखानेंपर,
इक जाम के के अलावा कुछ और, मांगा तो नही था।

ऎ खुदा ठुकराने की, इतनी भी जल्दीं क्या थी?
मैनें गम के अलावा कुछ और, मांगा तो ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a4%be/</link>
			</item>
	<item>
		<title>क्या यहा अपना है?</title>
		<description>ना जमीं अपनी है, ना फलक अपना है।
बस इक मौत के सिवा, क्या यहां अपना है॥

आस थी दिल को के वो बनेंगे अपने
उनके जाने के बाद, क्या यहां अपना है।

काफ़िला चलता है, तेरे जाने के बाद भी
फिर कोहरा क्युं ये है, क्या यहां अपना है।

याद कर के तू यहा, आया ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88/</link>
			</item>
	<item>
		<title>तंग आ गये है जिंदगी से</title>
		<description>तंग आ गये है जिंदगी से, अब मौत चाहीए।
इस जल-जल के मरने का, कोई अंत चाहीए।

खैरातें बाटीं है कई, खुदा के डर से हमने,
हकसे छिननेवाला कोई, गुस्ताख चाहीए।

वैसे तो किये है हमनें, बेपर्दा कई चेहरें,
इक दिल तो अब कोई, बेदाग चाहीए।
मिले कई रकीब इस मैखाने जहां में,
राजेंदिल बताने कोई, राजदार ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%86-%e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87/</link>
			</item>
	<item>
		<title>वो</title>
		<description>क्या पता वो क्युं, चुपचुप से रहते हैं, डरतें है
के हँसते ही कही मोती ना बिखर जाए।

उनकी आंखों में कोई, खोई किताब है मेरी,
पढतें तो आती है मगर, जहन मे नही आए।

बातें करते है रकीबोंसे, हँसहँसकर जनाब,
मेरी नापसंदही उनको, क्युं पसंद आए।

आँखे है उनकी गहरी, सागरसी नीली नीली,
और अब्र ऐसे ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be/</link>
			</item>
	<item>
		<title>हे नारी!</title>
		<description>हे नारी, तू शक्ती है, तू भक्ती है
तू ममता की, साक्षात मूर्ती है।

तुझसे निपजता सारा जीवन,
तूझमें विहरता सारा यौवन,
तू व्रूध्दों के लिए सेवा है,
तू हर सुखों की कर्ती है।
हे नारी....
 
तू प्रक्रूती की परिभाषा,
तू निसर्ग की परछाई,
तू भजन का भक्तीभाव है,
तू रणभूमी की स्फुर्ती है।
हे नारी....

तू है छाया, तू है धूप,
तू ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/03/08/%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/</link>
			</item>
	<item>
		<title>हँस के क्या देखा उन्होने</title>
		<description>हँस के क्या देखा उन्होने, के निशाने बन गए।
बात तो बस छेडी ही थी, और अफ़साने बन गए।

कहते थे दुसरोंको, मुहब्बत में क्या रखा है,
पीया जो एक प्याला, घरपे मैखाने बन गए।

वैसे तो वो हरदम नजर के सामने रहते थे,
अचानक ये क्या हुआ, उनके दिवाने बन गए।

खुदा करे हम अक्सर ...</description>
		<link>http://hindigazal.wordpress.com/2008/02/24/%e0%a4%b9%e0%a4%81%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87/</link>
			</item>
</channel>
</rss>
